आखिर कौन होते हैं नागा साधू?? जानिये रहस्य को।



Who are naga babas

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आखिर कौन होते हैं नागा साधू????

जाने उनका रहस्य........

अक्सर मुस्लिम और अंबेडकर वादी नागा साधूओं की तस्वीर दिखा कर हिन्दु धर्म के साधूओं का अपमान करने की और हिन्दुओं को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं उन लोगों को नागा साधूओं का गौरवशाली इतिहास पता नहीं होता जानें नागा साधूओं का गौरवशाली इतिहास और उसकी महानता।
नागा साधूओं का इतिहास
नागा साधु हिन्दू धर्मावलम्बी साधु हैं जो कि नग्न रहने तथा युद्ध कला में माहिर होने के लिये प्रसिद्ध हैं। ये विभिन्न अखाड़ों में रहते हैं जिनकी परम्परा आदिगुरु

Reality of Valentine Day वैलेंटाइन डे की कहानी

Rajiv dixit on valentine day
वैलेंटाइन डे की कहानी::!
"वेलेंटाइन डे मनाकर भारत भी कहीं इसी दिशा में तो नहीं जा रहा ?
अमेरिका में 7% बच्चे 13 वर्ष की उम्र से पहले ही यौनसंबंध बना लेते हैं | 85 % लड़के और 77% लड़कियां 19 वर्ष के पहले ही यौन संबंध बना लेते हैं | इससे जो समस्याएं पैदा हुई, उनको मिटाने के लिए वहाँ की सरकारों को करोड़ो रुपये खर्च करके भी सफलता नहीं मिलती |
भारतीय संस्कृति पर हो रहे कुठाराघात से लोकहितकारी पूज्य बापूजी के आह्वान से प्रेरणा पाकर पिछले आठ वर्षों से
देश-विदेश में करोड़ो लोग "वेलेंटाइन डे" मनाने के बदले "मातृ-पितृ पूजन दिवस" मना रहे हैं | इससे करोड़ों लोग पतन से बचे हैं एवं उनके जीवन में संयम व् सदाचार के पुष्प खिले हैं | मित्रो यूरोप (और अमेरिका) का समाज जो है वो रखैलों (Kept) में विश्वास करता है पत्नियों में नहीं, यूरोप और अमेरिका में आपको शायद ही ऐसा कोई पुरुष या मिहला मिले जिसकी एक शादी हुई हो, जिनका एक पुरुष से या

क्या सच मे 2015 आ गया..?

Hindutav ki aavaj

सारी जानकारी तीन भागों में विभाजित है।
मित्रो सभी लोग देखा-देखी 2015 new year की बधाइयाँ दे रहे है !
अर्थात 2014 साल बीत गए 2015 शुरू हो गया ?
लेकिन 2014 साल किसके बीत गए ?
2014 साल पहले क्या था ? क्या इस धरती को बने सिर्फ 2014 साल बीते हैं ?
दरअसल 2014 साल पहले ईसाई धर्म की शुरुवात हुई थी और क्योंकि अंग्रेज़ो ने भारत को 250 साल गुलाम बनाया था इसीलिए आज ये उनही का कैलंडर हमारे देश चल रहा है !
जबकि हम हिन्दू (सनातनी ) तो जब से से धरती बनी है तब से है ! खैर आप आते है मुख्य बात पर !
क्या सच मे 2015 आ गया ??  2015 तो क्या भी तो 2014 भी नहीं आया !!

रामायण सच्ची होने के आज के सबूत PART 2

रामायण तथा उसमे वर्णित पुष्पक विमान आदि को कपोलकल्पित कहने वालो के मुख पर एक और कड़क चमाट ।

जी हाँ दोस्तों , रावन के रामायण कालीन ४ हवाईअड्डे खोजने का दावा किया है श्री लंका की रामायण अनुसन्धान कमेटी ने ।

पिछले ९ वर्षों से ये कमेटी श्री लंका का कोना कोना छान रही थी जिसके तहत कई छुट पुट जानकारी व् अवशेष भी मिलते रहे परन्तु पिछले ४ सालो में लंका के दुर्गम स्थानों में की गई खोज के दोरान रावण के ४ हवाईअड्डे हाथ लगे है ।

कमेटी के अध्यक्ष अशोक केंथ का कहना है की रामायण में वर्णित लंका वास्तव में श्री लंका ही है जहाँ उसानगोडा , गुरुलोपोथा , तोतुपोलाकंदा तथा वरियापोला नामक चार हवाईअड्डे मिले है । उसानगोडा रावण का निजी हवाईअड्डा था तथा यहाँ का रनवे लाल रंग का है । इसके आसपास की जमीं कहीं काली तो कहीं हरी घास वाली है । जब हनुमान जी सीता जी की खोज में लंका गये तो वहां से लौटते समय उन्होंने रावण के निजी उसानगोडा को

हिंदुत्व के खिलाफ जिहादी योजना।

जिहाद इस्लाम का अनिवार्य कर्तव्य है ,जिसका उद्देश्य पूरे विश्व से गैर मुस्लिमों का सफाया करके इस्लामी खिलाफत कायम करना है , चूँकि मुसलमानों की नजर में इस समय काफिरों की सरकार है , इसलिए मुसलमान उसे गिराने की योजना बना रहे हैं , इसके लिए वह हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं , इसके बारे में दिनांक 31 जुलाई 2014 को " जिहादियों के नए हथकंडे " शीर्षक से एक लेख भी प्रकाशित किया गया था , यद्यपि जिहादी भारत के विरुद्ध आतंकी योजना अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बना रहे हैं , लेकिन इस बात तय है कि जब भी भारत के खिलाफ जिहाद होगा तो यहाँ के मुसलमान उनके साथ हो जायेंगे . अभी तो यहाँ के मुसलमान विभिन्न अपराध करके देश में अस्थिरता का माहौल बना रहे हैं और जब पूरे देश में अफरा तफरी फ़ैल जाएगी तो बाहरी जिहादी देश में घुस जायेंगे , मुसलमानों की इस जिहादी योजना का पर्दाफाश " अनिमेष राउल " ने किया है जो " Executive Director of Research at the New Delhi-based Society for the Study of Peace and Conflict (SSPC " हैं .जिसका पूरा विवरण 13 जून 2014 को ही प्रकाश में आगया था , लेकिन सरकार मोदी के 15 अगस्त के भाषण तक बैठी रही , बाद में जो जानकारी मिली वह काफी चिंता का विषय है . क्योंकि इसमे बताया है कि

क्या कृश्चियनिटी Christianity कृष्ण-नीति से बना हुआ है।

यह लेख आदरणीय और स्वर्गीय श्री पी एन ओक द्वारा उनके अथाह शोध के बाद लिखा गया था जिसे यहाँ पर आम जनता तक पहुचने के लिए डाला जा रहा है। 
क्या वाकई कोई जीसस थे ? “क्या हास्यास्पद कथन है, ऐसी बात हमने कभी सुनी ही नहीं।” यदि किसी नए सिद्धान्त को पूर्णतया समझना हो तो उसे अपने मस्तिष्क को समस्त अवधारनाओं, अवरोधों, शंकाओं, पक्षपातों, पूर्व धारणाओं, अनुमानों एवं संभावनाओं से मुक्त करना होगा। इसके शीर्षक से पाठकों में मिश्रित प्रीतिक्रिया उत्पन्न होने की संभावना है। उनमें से अधिकांश संभवतया छलित एवं भ्रमित अनुभव करते हुए आश्चर्य करेंगे की कृष्ण-नीति क्या हो सकती है और यह किस प्रकार ‘कृश्चियनिटी’ की और अग्रसर हुई होगी।  क्राइस्ट कोई ऐतिहासिक व्यक्ति था ही नहीं, अतः ‘कृश्चियनिटी’ वास्तव में प्राचीन हिन्दू, संस्कृत शब्द कृष्ण-नीति का प्रचलित विभेद है, अर्थात वह जीवन-दर्शन जिसे भगवान कृष्ण, जिसे अँग्रेजी में विभिन्न प्रकार से लिखा जाता है, ने अवतार धरण कर प्रचलित, प्रीतिपादित अथवा आचरित किया था। कृष्ण, जिसको क्राइस्ट उच्चरित किया जाता है, यह कोई यूरोपीय विलक्षणता नहीं है। यह भारत में आरंभ हुआ। उदाहरण के लिए - भारत के बांग प्रदेश में जिन व्यक्तियों का कृष्ण रखा जाता है उन्हें क्राइस्ट संबोधित किया

इस दिवाली हिन्दू क्या करे ?

सबसे पहले तो में सभी हिन्दू भाईयो को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये देता हूँ और उम्मीद करता हूँ के ये दीवाली आपके जीवन में खुशियां ही खुशियां लाये। तो आज आपके लिए खास दिवाली की पोस्ट कर रहा हूँ। वैसे तो सभी भाइयो ने घरो की सफाई और रंग रोगन भी किया होगा घर में लेकिन में यहाँ पे आपको कुछ ऐसी बाते बताऊंगा जो की अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। धन्यवाद। 
कल दीपावली है। इस दिन देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय किए जाते हैं। साथ ही, दीपावली से पूर्व कई प्रकार की तैयारियां भी की जाती हैं। लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए पुराने समय से ही घर में किए जाने वाले कार्यों और वस्तुओं से संबंधित कई परंपराएं प्रचलित हैं। आमतौर पर सभी के घरों में कुछ न कुछ वस्तुएं ऐसी होती हैं जो टूटी-फूटी होती हैं, बेकार होती हैं, फिर भी किसी कोने में पड़ी रहती हैं।

ताजमहल के नाम पर बेवकूफ़ बनते हिन्दु। भाग 1

आज ऐसा समय है जब हर एक चीज का इस्लामीकरण हो रहा है और ये आज ही शुरू नहीं हुआ है बल्कि सदियों पहले इसकी शुरुआत हो गई थी। 
अब तक आपने पढ़ा के आज भी त्रेता युग के अवशेष मौजूद हैं। Click here to read this Article 
और भारत के रहस्य्मय मंदिर आज भी बहुत सा रहष्य अपने अंदर समेटे हुए हैं। Click here to read this Article 
साथ ही साथ आपको बताया गया के कैसे  धर्म में गोत्रों की शुरुआत हुयी। Click here to read this Article 
आज हम यहाँ पढ़ेंगे कैसे हिन्दू धर्म के प्रमुख आस्था स्थलों को एक षड्यंत्र के तहत इस्लामी नाम दे दिया गया। अगर आपके मन में कोई बात है तो कमेंट जरूर करें। स्व: श्री पी०एन० ओक द्वारा किए गए ताजमहल पर इस अनुपम शोध को आपके सामने लाने में हमारा कोई व्यावसायिक या अन्य कोई हित लाभ नहीं है । हमारा हमेशा उद्देश्य अपने ब्लॉग द्वारा भारतीय संस्कृति और हिंदूतत्व के बारे में और इसके इतिहास के बारे में लोगों को विशेषकर उन लोगों को जो हिन्दू और भारतीय होते हुए, लेकिन अपने स्वर्णिम इतिहास को ना जानने के कारण आज अपने हिन्दू होने पर और भारतीय होने पर शर्म महसूस करते हैं । ये कोई लेख नहीं अपितु स्व: श्री पी०एन० ओक द्वारा किए गए ताजमहल पर शोध का एक अंश मात्र है । जो आपको ताजमहल को देखने का एक नया नज़रिया प्रदान करेगा । स्व: श्री पी०एन० ओक जी ने अपने शोधों से यह सिद्ध कर दिया कि कैसे विदेशी आक्रमणकारिओ ने हमारे भारतीय इतिहास को विकृत किया और किस तरह हमारे पूर्वजों की धरोहरों, मंदिरों को लूटा और

रामायण सच्ची होने के आज के सबूत PART 1

रामायण को आज के ज़माने में कई लोग शक की निगाह से देखते हैं। कई लोग हिन्दू धर्म के गौरवशाली इतिहास को झुठलाने की कोसिस भी करते हैं। यहाँ तक की आज का हिन्दू युवा भी पौराणिक कथाओं को संदेह की द्रष्टि से देखता है। लेकिन हम आपको यहाँ पे वो सबूत देंगे जिससे सिद्ध हो जाएगा की रामायण कोई झूठी रचना नहीं है। तो चलिए जानते हैं रामायण के वास्तविक तथ्यों के बारे

भारत के रहस्यमय मंदिर भाग-2

हिंदुत्व की आवाज में आपका एक बार फिर स्वागत है अब तक आपने भारत के रहस्यमय मंदिर भाग 1 पढ़ा। उससे पहले आपको बताया गया था के शिवलिंग के बारे में क्या-क्या भ्रम पैदा किये जा रहे हैं। साथ ही साथ आपको गुरुङ पुराण की बातें जानने को मिली ये भी बताया गया के क्यों वेद मन्त्रों का गलत उदहारण देने वालों पर विश्वास न करे।  हमारे हिन्दू धर्म में एक चीज़ बडा महत्व रखती है वो हैं हमारे गोत्र। कई पाढको के अनुरोध के बाद हमने गोत्रो की जानकारी भी दी है। यहाँ पे पढ़िए के आखिर कहाँ से शुरू हुये हैं हमारे गोत्र। और यहाँ पे हम आपको बता रहे हैं भारत के रहस्यमय मंदिरो के बारे में।

सोमनाथ मंदिर : सोमनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है। प्राचीनकाल में इसका शिवलिंग हवा में झूलता था, लेकिन आक्रमणकारियों ने इसे तोड़ दिया। माना जाता है कि 24 शिवलिंगों की स्थापना की गई थी उसमें सोमनाथ का शिवलिंग बीचोबीच था। इन शिवलिंगों में मक्का स्थित काबा का शिवलिंग भी शामिल है।

भारत के रहस्यमय मंदिर

भारत के रहस्यमय मंदिर
प्राचीनकाल में जब मंदिर बनाए जाते थे तो वास्तु और खगोल विज्ञान का ध्यान रखा जाता था। इसके अलावा राजा-महाराजा अपना खजाना छुपाकर इसके ऊपर मंदिर बना देते थे और खजाने तक पहुंचने के लिए अलग से रास्ते बनाते थे। इसके अलावा भारत में कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जिनका संबंध न तो वास्तु से है, न खगोल विज्ञान से और न ही खजाने से इन मंदिरों का

आखिर कहाँ से शुरू हुये हैं हमारे गोत्र।



आज के कम्पुटर युग मैं जन-मानस आधुनिकता मैं आके पुरानी मान्यताओ को ढोकसला बताते है।
आज भी दादा-दादी सम गोत्र मैं शादी करना नहीं चाहते ।
जबकि आज प्रेम का जमाना है, प्रेम करने के पूर्व जात तो पूछी नहीं जाती -गोत्र की चर्चा ही बेमानी है।
पुरानी मान्यताओँ/रीति-रिवाजोँ को दकियानूसी कह कर आज कि नयी पीढ़ी आधुनिकता का अँधानुकरण कर रही है|
आइये जाने क्या हें गोत्र का

|| इस्लामी ससुर ने बहु का गर्भ ठहराकर किया मानवता को शर्मसार ||

कल देखाया जा रहा था आजतक में, उ०प्र० के जिला मुज़फ्फर नगर के किसी ग्राम में यह घटना है, की बेटे रहते बाहर नौकरी पर घर पर अपने माँ, बाप, भाई बहन के पास छोड़ा अपनी नई नवेली दुल्हन को | बेटे के बहार रहने का पूरा फायदा उठाया बेटे के अब्बाजान ने, ससुर ने समय को बिना गंवाए दुल्हन को अपने कमरे में बुला कर कट्टे का डर दिखा के उसके साथ व्यभिचार {बलात्कार} करता रहा अपने ही घर पर अपनी बहु से, जो की मानव समाज में बहु को पुत्रीवत माना जाता है |

कल वह बेचारी अपनी आप विती सुना रही थी आजतक में, और यह शिकायत उस बहु ने, जिलाध्यक्ष को तब की जब उसके 7 मासका गर्भ ठहर गया, उसने गर्भपात करने की